बारिश के बीच एक अजनबी - Part 1 in Hindi Love Stories by Avinash books and stories PDF | बारिश के बीच एक अजनबी - 1

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बारिश के बीच एक अजनबी - 1

भाग 1: भीगी सड़क और एक अधूरी शुरुआत


मुंबई की बारिश का कोई भरोसा नहीं होता। कभी यह सुकून देती है, तो कभी ज़िंदगी की रफ्तार थाम देती है। उस रात भी कुछ ऐसा ही था। आसमान से पानी की चादर गिर रही थी और शहर की चकाचौंध लाइटें गीली सड़कों पर बिखरकर एक जादुई सा अहसास पैदा कर रही थीं।
कबीर अपने ऑफिस के बाहर खड़ा घड़ी देख रहा था। रात के 11 बज चुके थे। उसकी आँखों में थकान थी और हाथ में एक भारी लैपटॉप बैग। वह स्वभाव से बहुत ही व्यवस्थित इंसान था। उसकी दुनिया एक्सेल शीट्स, डेडलाइन्स और 'टू-डू' लिस्ट के इर्द-गिर्द घूमती थी। उसके लिए ज़िंदगी का मतलब था—वक्त पर काम खत्म करना और वक्त पर घर पहुँचना। लेकिन उस रात कुदरत के पास उसके लिए कुछ और ही प्लान था।

उसका फोन डिस्चार्ज हो चुका था। आखिरी बस उसकी आँखों के सामने से निकल गई और टैक्सी का कहीं नामो-निशान नहीं था। कबीर ने गहरी सांस ली और बस स्टॉप के छोटे से शेड के नीचे शरण ली। हवा के झोंकों के साथ आती बारिश की बौछारें उसकी सफेद शर्ट को भिगो रही थीं। उसे झुंझलाहट हो रही थी, क्योंकि उसकी 'परफेक्ट' शाम खराब हो चुकी थी।
तभी, पानी की गहराइयों को चीरती हुई एक पीली स्कूटी की हेडलाइट दिखाई दी। वह स्कूटी स्टॉप के ठीक सामने आकर रुकी। एक लड़की, जो पूरी तरह भीगी हुई थी, उसने अपना हेलमेट उतारा। उसके लंबे, काले बाल कंधों पर बिखरे हुए थे और चेहरे पर एक अजीब सी बेपरवाह मुस्कान थी।
"अरे भाई साहब! यहाँ खड़े रहकर बारिश का इंतज़ार कर रहे हैं या किसी चमत्कार का?" उसने अपनी आवाज़ ऊँची करते हुए कहा।
कबीर ने उसे हैरानी से देखा। "मैं बस... टैक्सी का इंतज़ार कर रहा हूँ।"
लड़की खिलखिलाकर हँसी। "इस इलाके में? इस वक्त? और इस तूफानी बारिश में? भूल जाइए। यहाँ से दो किलोमीटर तक आपको कुछ नहीं मिलेगा। और अगर आप यहाँ खड़े रहे, तो कल सुबह तक आप पक्का बीमार पड़ जाएँगे।"
कबीर थोड़ा हिचकिचाया। "जी, शुक्रिया। पर मैं संभाल लूँगा।"
"ज़िंदगी में कभी-कभी दूसरों पर भरोसा करना सीखिए, मिस्टर सीरियस। मैं ज़ोया हूँ, और मैं कोई किडनैपर नहीं हूँ," उसने मज़ाक में अपना हाथ आगे बढ़ाया। "आगे के सिग्नल तक मैं आपको छोड़ सकती हूँ, वहाँ से शायद आपको कुछ मिल जाए।"

कबीर को लगा कि इस वक्त ज़िद्द करना बेवकूफी होगी। उसने अपना बैग संभाला और स्कूटी के पीछे बैठ गया। स्कूटी स्टार्ट हुई और ठंडी हवा के झोंके कबीर के चेहरे से टकराए। ज़ोया जिस तरह से स्कूटी चला रही थी, उसमें एक आज़ादी थी। वह बारिश से परेशान नहीं थी, बल्कि उसे एन्जॉय कर रही थी।
"आपको बारिश पसंद नहीं है क्या?" ज़ोया ने हवा के शोर के बीच पूछा।
"पसंद तो है, पर जब यह मेरे काम के बीच न आए," कबीर ने संजीदगी से जवाब दिया।
"काम... काम... काम! आप लोग अपनी फाइलों के बीच इतना उलझ जाते हैं कि बाहर की दुनिया देखना भूल जाते हैं। देखिए तो सही, ये शहर कितना खूबसूरत लग रहा है," ज़ोया ने एक हाथ हवा में लहराते हुए कहा।
कबीर ने पहली बार गौर किया। गीली सड़कें, खंभों की पीली रोशनी का प्रतिबिंब और सन्नाटे के बीच बारिश का संगीत। वाकई, यह नज़ारा उसकी ऑफिस की बोरियत भरी खिड़की से बहुत अलग था।
अचानक, एक गहरा गड्ढा आया और स्कूटी ज़ोर से उछली। कबीर ने खुद को संभालने के लिए ज़ोया के कंधे को कस कर पकड़ लिया। एक पल के लिए दोनों के बीच एक अनकहा सा खिंचाव महसूस हुआ। ज़ोया ने कुछ नहीं कहा, बस अपनी रफ्तार थोड़ी कम कर दी।
अगले सिग्नल पर पहुँचते ही बारिश थोड़ी धीमी पड़ गई थी। कबीर उतरा और अपनी शर्ट ठीक करने लगा। "थैंक यू, ज़ोया। आपने मेरी बहुत मदद की।"
"कोई बात नहीं, मिस्टर कबीर। वैसे, कभी-कभी भीगना अच्छा होता है," ज़ोया ने मुस्कुराते हुए कहा और हेलमेट पहन लिया। "चलती हूँ, फिर कभी मुलाकात हुई तो कॉफी पिएंगे!"
उसने स्कूटी आगे बढ़ा दी। कबीर उसे जाते हुए देखता रहा। उसे महसूस हुआ कि उसकी जेब में कुछ भारी सा है। उसने हाथ डाला तो देखा—एक चाबी का गुच्छा, जिस पर एक नीले रंग के पक्षी (Blue Bird) का छोटा सा खिलौना लगा था। वह शायद ज़ोया की स्कूटी से गिर गया था जब वह गड्ढे में उछली थी।
कबीर ने उसे आवाज़ देने की कोशिश की, "ज़ोया! रुको!" पर वह दूर निकल चुकी थी |

वह अजनबी लड़की चली गई थी, पर उसकी पहचान की एक चाबी अब कबीर के पास थी। कबीर ने उस नीले पक्षी को देखा और उसके चेहरे पर एक अनजानी मुस्कान आ गई। उसकी 'परफेक्ट' ज़िंदगी में अब एक 'अनप्लांड' कहानी शुरू हो चुकी थी।

अगले भाग (Part 2) में क्या होगा?
 * कबीर उस चाबी को वापस करने के लिए ज़ोया को कैसे ढूँढेगा?
 * क्या उन दोनों की मुलाकात फिर से उसी बारिश में होगी या शहर की किसी भीड़भाड़ वाली गली में?
 * ज़ोया की ज़िंदगी का वो राज़ क्या है जो वह अपनी मुस्कान के पीछे छिपाती है?